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किसी की मृत्यु के बाद PAN और AADHAR कार्ड का क्या करें ? जान लीजिए, वरना हो सकती है परेशानी

किसी की मृत्यु के बाद PAN और AADHAR कार्ड का क्या करें ? जान लीजिए, वरना हो सकती है परेशानी

PAN and AADHAR After Death
अपने सभी डाक्यूमेंट्स को हमेशा संभाल कर रखना चाहिए. कई बार किसी डॉक्यूमेंट के खो जाने पर गंभीर समस्याओ का सामना करना पड़ सकता है.

वैसे तो इस ऑनलाइन युग में डॉक्यूमेंट बनवाना बहुत आसान हो गया है. आप विभीन्न प्रकार के दस्तावेजों को बहुत कम समय में ऑनलाइन ही बनवा सकते है. लेकिन हमे डॉक्यूमेंट बहुत जिम्मेदारी के साथ रखने चाहिए. ताकि इनका गलत इस्तेमाल ना हो सके.

आजकल पैन कार्ड या आधार कार्ड को सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. किसी भी फाइनेंसियल या बैंकिंग कार्य के लिए पैन कार्ड बहुत आवश्यक दस्तावेज है. बैंक में अकाउंट खुलवाने से लेकर गाडी फाइनेंस करवाने तक, नौकरी ज्वाइन करने से लेकर अपनी आइडेंटिटी बताने तक, पैन कार्ड और आधार कार्ड की अनिवारियता सर्वोपरि है.

इसीलिए पैन कार्ड और आधार कार्ड को सबसे अहम दस्तावेजों की श्रेणी में रखा जाता है.

आधार एक यूनीक नंबर होता है, और इसका गलत इस्तेमाल ना हो इसलिए यह नंबर किसी और को सार्वजानिक रूप से नहीं दिया जा सकता है. इसके अलावा आधार को बंद करने का कोई तरीका नहीं.

आपने अक्सर सुना होगा की किसी और के PAN CARD या AADHAR CARD पर कोई और व्यक्ति मोबाइल नंबर खरीद लेता है, या अन्य किसी डॉक्यूमेंट बनवाने के लिए अप्लाई कर सकता है. ऐसी परेशानियों से बचने के लिए आज हम आपको बताएंगे कि किसी परिजन, रिश्तेदार या जान पहचान के व्यक्ति की मृत्यु के बाद पैन कार्ड और आधार कार्ड का क्या करना चाहिए.

मृत्यु के बाद PAN कार्ड का क्या करना चाहिए ?

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने के लिए पैन कार्ड (PAN CARD) सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट होता है, इसके बिना आप इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं कर सकते. इसलिए मृतक का बैंक अकाउंट बंद करवाने के लिए आपको उनका पैन कार्ड इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (आयकर विभाग) को सौप देना चाहिए. आपको ध्यान रखना चाहिए की मृतक का टैक्स रिटर्न का रिफंड अकाउंट में आने तक आपको उनका पैन कार्ड संभाल कर रखना चाहिए.

मृतक के पैन कार्ड को सरेंडर करने से पहले मृतक के सभी एकाउंट्स को या तो ट्रांसफर करवा ले या फिर बंद करवा दे.

ऐसे सरेंडर करें पैन कार्ड

हालांकि मृतक व्यक्ति का पैन कार्ड सरेंडर करना जरुरी नहीं है, आप चाहे तो उसे अपने पास भी रख सकते है. लेकिन जैसा की आप जानते है की पैन कार्ड एक जरुरी डॉक्यूमेंट है, और इसका गलत इस्तेमाल भी हो सकता है. इसलिए इसे सरेंडर करने में ही अक्लमंदी है.

पैन कार्ड सरेंडर करने के लिए मृतक का नाम, पैन कार्ड का नंबर, जन्मतिथि और डेथ सर्टिफिकेट को उससे अटैच करके असेसमेंट ऑफिसर को एक एप्लीकेशन लिखनी होती है जिसे आपको पैन कार्ड सरेंडर करने के बारे में बताना होगा.

मृत्यु के बाद आधार का क्या करें

आधार एक 12 अंकों की पहचान संख्या है जो UIDAI भारत के निवासियों को जारी करता है। आधार कार्ड का इस्तेमाल एड्रेस प्रूफ और पहचान पत्र के रूप में भी किया जाता है. किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए आपको आधार कार्ड की आवश्यकता होती है, इसक बिना आप किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं उठा सकते.

हालांकि, एक बार जनरेट हो जाने के बाद, किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी आधार को रद्द करने या सरेंडर करने की कोई प्रक्रिया अभी तक नहीं है। साथ ही, आधार डेटाबेस में धारक की मृत्यु के बारे में जानकारी को अपडेट करने का भी प्रावधान अभी नहीं है।

जरुरत पड़ने पर आप अपने आधार कार्ड में जरुरी बदलाव करवा सकते है, जैसे वर्तमान पता बदलवाना, अपनी पुरानी तस्वीर को बदलवाना या अपने बायोमेट्रिक को कुछ शुल्क देकर आधार सुविधा केंद्र में जाकर अपडेट करवा सकते है.

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